Skip to main content

true lines

समय का पहिया, घूमे रे भैया, समय ही होता बलवान,
राजा हो या रंक फकीरा, इस चक्र में सब हैं एक समान।

उसी पिता के सभी हैं बच्चे, फिर भी क्युं है अभिमान,
लक्ष्मी तो है सदैव चंचला, उस पर करना क्या गुमान,
ना होता है कोई गरीब और ना  होता कोई धनवान,
समय का तो ये बस चक्र है,इस चक्र में सब है एक समान।

ज्ञान का दंभ भरने वाले , कभी तो देखो आसमान,
ना अंत है जिसका कोई , फिर भी कहाँ है उसे गुमान,
धन और तन का साथ तनिक है, यौवन का ना रखो संज्ञान,
ढल जायेगा समय चक्र में, इस चक्र में सब है एक समान।

स्वर्ग - नरक में कहां भटकता, छोड़ दे ये अज्ञान,
कर्म किए जा ऐसे रे बंदे, कल को याद रखे इंसान,
मात-पिता भगवान हमारे, मातृभूमि स्वर्ग समान,
समझ सको तो समझ लो प्यारे, समय बड़ा बलवान।

Comments