Skip to main content

Posts

true lines

समय का पहिया, घूमे रे भैया, समय ही होता बलवान, राजा हो या रंक फकीरा, इस चक्र में सब हैं एक समान। उसी पिता के सभी हैं बच्चे, फिर भी क्युं है अभिमान, लक्ष्मी तो है सदैव चंचला, उस पर करना क्या गुमान, ना होता है कोई गरीब और ना  होता कोई धनवान, समय का तो ये बस चक्र है,इस चक्र में सब है एक समान। ज्ञान का दंभ भरने वाले , कभी तो देखो आसमान, ना अंत है जिसका कोई , फिर भी कहाँ है उसे गुमान, धन और तन का साथ तनिक है, यौवन का ना रखो संज्ञान, ढल जायेगा समय चक्र में, इस चक्र में सब है एक समान। स्वर्ग - नरक में कहां भटकता, छोड़ दे ये अज्ञान, कर्म किए जा ऐसे रे बंदे, कल को याद रखे इंसान, मात-पिता भगवान हमारे, मातृभूमि स्वर्ग समान, समझ सको तो समझ लो प्यारे, समय बड़ा बलवान।
Recent posts
बेटी नहीं हम, संतान तुम्हारे, अब ये दूरी घटने दो, घुट रहें हैं सदियों से, इक पल के लिए जीने दो, बाँध रखा है पंख जिनमें, अब वो बेड़ी खुलने दो, हो गयी इम्तिहां का हद, [अब तो मुझे उड़ने दो]2 एक बेटे की लालच में, आने ना दिया संसार में,ये बताओ कौन लाया था तुम्हें संसार में, कभी तुम्हारे रिवाज ने मारा, कभी तुम्हारे प्यार ने, जो बचे उनको मारा, झूठे शान और संस्कार ने, बहुत कर लिया ढोंग प्रेम का, अब तो बस रहने दो, हो गयी इम्तिहां का हद, [अब तो मुझे उड़ने दो]2 दंभ भरते हो पुरुषार्थ का, होता क्या है वो भला, जीत तुमको तब मिली है, जब शक्ति बनी है ये अबला, शिक्षा, स्वास्थ्य, और सेवा में हमसे आगे कौन है, पर है मुस्किल तुम्हें बताना, अब तक संसद भी मौन है, 21वीं सदी में आ गए तुम, अब तो बस रहने दो, हो गयी इम्तिहां का हद, [अब तो मुझे उड़ने दो]2
राह मुश्किल है डगर की , गिरके उठना है मगर दर्द देनेवाले जब पूछे चोट खाई है किधर , गिर के उठना , उठ के चलना , चुप ही रहना तुम मगर , धड़कते दिल से बस ये कहना , ऐ दिल तू चुपके निकल , ऐ दिल तू चुपके निकल। रंग बदलती इस दुनियां में , ऐ दोस्त जरा चलना संभल , लोगों की चिकनी बातों में , कहीं ना जाना तुम फिसल , मतलबी के चक्कर में अपनों से जाना न दूर निकल , धड़कते दिल से बस ये कहना , ऐ दिल तू चुपके निकल , ऐ दिल तू चुपके निकल। हाल पूछे रोज तेरा , हाल पर हंस के तेरे , बातें जग की करे सारे , अपने हित पे वो मरे , सच की जीत होती जग में , क्यूं रे बन्दे तू डरे , रख भरोसा उस रब पर और मकड़जाल से तू निकल , धड़कते दिल से बस ये कहना , ऐ दिल तू चुपके निकल , ऐ दिल तू चुपके निकल।
काफी दिनों के बाद बिहार से कुछ अच्छा सुनने को मिला।जी हाँ.. शराब-बंदी...! आगे का पता नहीं पर जिस प्रकार सरकार ने इसे योजनाबद्ध तरीके से और समय तय करके बंद करवाया है, उम्मीद की किरण दिख रही है। शराबबंदी बिहार में क्यूँ जरुरी था? यूँ तो भारत के अधिकांश राज्य में शराबबंदी अत्यावश्यक है।परंतु, पूर्णतः कृषि पर निर्भर, अल्प साक्षरता वाला तथा निम्न आय वर्ग की अधिकता वाले इस राज्य में ये एक अभिशाप स्वरूप था, जो धीरे-धीरे परिवार और समाज को निगलता जा रहा था। बढ़ते अपराध और खास कर युवा वर्ग में इसका प्रचलन राज्य समाज को पीछे धकेल रहा था। महिलाओं की स्थिति में भी सुधार की आशा की जा सकती है, जो वर्तमान सरकार का एक चुनावी वायदा भी था। कुछ बुद्धजीवियों ने राजश्व में भारी कमी की चिंता जताई। वस्तुतः ये सच है परंतु आप इसको लेकर मानव जीवन को दांव पर नहीं लगा सकते है। एक स्वस्थ समाज की कल्पना को साकार करने में कुछ मुश्किलें तो आयेंगी। केंद्र और बांकी सारे राज्य सरकार की कदम की सराहना कर रहे है। शराब में लगने वाले पैसे के बचने से परिवार की उन्नति का मार्ग प्रशस्त होगा जो समाज और राज्य के विकाश के लिए श...

आजादी के मायने

गुलामी की बेड़ी तोड़ चुके हम, 69वें वर्ष में आ तो गए हम, 15 अगस्त की छुट्टी मनाकर, आसमान में पतंग उड़ाकर, आप बताएं मेरे देशवाशियों क्या सच में हम आजाद हैं ? सत्य-अहिंसा के बुनियाद पर, राम...
विविधताओं में एकता का देश है हमारा भारत.रहन-सहन , खान-पान , जाति-धर्म से लेकर भाषायी भिन्नता भी पायी जाति हैं. करीब 780   भाषाएँ यहाँ बोली जाती है और The People's Linguistic Survey of India (PLSI) के सर्वे के अनुसार 250   से अधिक भाषाएँ लुप्त हो चुकी हैं. भाषयी विविधताओं वाले इस देश में एक उपयुक्त शिक्षा नीति का होना आवश्यक है. भारत सरकार ने प्रथम राष्ट्रीय शिक्षा नीति 1968 में लागु किया , उसके बाद समय-समय पर 1986 में स्व. श्री राजीव गांधी के समय में और पुनः 1992 में संशोधित किया गया. शिक्षा... एक ऐसा विषय , जो भारत जैसे लोकतान्त्रिक देश के लिए काफी मायने रखता है.  भारतीय नागरिकों को मताधिकार सिर्फ उम्र के आधार पर प्रदान की गयी है. शिक्षा को हमेशा भारतीय राजनेताओं के द्वारा दूसरे दर्जे पर रखा गया. भारतीय नागरिक जिसे किसी भी भाषा में लिखने-पढ़ने का ज्ञान को शिक्षित मान लिया जाता है. क्या उस व्यक्ति में देश के राजनीती , देश के अंदर-बाहर हो रही गतिविधियों का सर्वेक्षण की क्षमता होती है ? क्या वो व्यक्ति अपने अधिकार और कर्तव्य को सही ढंग से समझ सकता है.. ? और जब एक नागर...

12वीं की शायरी

khayal unka aaya or … kambakht dil ne unse puchha... jara batao mere dil ke mehman meri kaun ho tum ????   jiske liye me din rat tarpta hun Jagne ke waqt sota, or sone ke waqt jagta hun, tumse na koi jawab aaya to mere dil ne khud hi apna hal farmaya.............    sawan ki rimjhim ghata ho tum, bhare hue jam ki nasha ho tum , khilte hue kali ka khwab ho tum, bhawnro ki dil ki aawaj ho tum    chhalkte hontho ki pyas ho tum dhadkte dil ki ehsas ho tum log ji lete ha sari jindgi jise dekhkar kudrat ka esa ehsas ho tum tumko khud hi nai pata k kya ho tum mere liye to jamin aasman ho tum karta hun pyar aapse itna ki lagta ha dono jahan ho tum